अपनी ही पार्टी में मुख्यमंत्री के स्वार्थ की राजनीति के शिकार हुए दोनु नेताओं को बीजेपी सरकार में मंत्री पद मिलना तय ! जिसका नुकसान दोनु राज्यों में पार्टी को हुआ है ! अशोक जी गहलोत और भूपेन्दर जी हुड्डा को अब ये बात समझ में आएगी कि खुद के स्वार्थ में पार्टी को डूबा दिया !
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