गुरुवार, 4 नवंबर 2010
मंगलवार, 12 अक्टूबर 2010
मेरे बारे में
मेरा जन्म चुरू जिले की तारानगर तहशील के गांव घासला अगुना में हुआ था !मेरे पिताजी का नाम श्री प्रेमाराम
सिहाग और माताजी का चंद्रपती है !हम दो भाई और एक बहिन !भाई रणवीर सिहाग और बहिन श र्मीला !ये दोनु मेरे से बड़े है !मै मेरे पिताजी और माताजी की तीसरी संतान हूँ !
मेरे प्राथमिक पढाई गांव मै हुई !गांव मै पाचवीं तक का स्कुल था !मेरे स्कुल के प्रथम गुरु स्व .श्री अर्जुनलाल जी गोदारा (हरिपुरा)थे !वो गुरु जिसने मेरे को एक नई दिशा दी उन्हें शत -शत नमन !!!!!!!!!!!!!!!!!!
इसके बाद ६ से १० तक की पढाई हमारे पड़ोसी गांव झोथरा मे हुई !इस गांव से मेरा विशेष रिश्ता है !मेरे को इस गांव से इतना प्यार मिला जो शायद ही किसी को मेला होगा !इस पुरे गांव मे मेरे अपनी पहचान थी !इस गांव से मिले संस्कार आज मेरी पहचान हं !मै पुरे गांव का आभारी हूँ कि यहाँ के सभी ने मेरे को अपनो से ज्यादा प्यार दिया !
दुलाराम सहारण
मै नरेन्द्र कुमार सिहाग ब्लॉग की इस दुनीया में सबसे पहले श्रीदुलाराम सहारण का हार्दिक स्वागत करता हु !
क्योकि उसके द्वारा ही मेरे को ब्लॉग की जानकारी मिली थी !इन्ही की प्रेरणा से अब में मेरे विचार आप सभी
के साथ आदान-प्रदान कर सकुगा !
लोहिया कॉलेज चुरू मै मेरा प्रवेश फारम जमा करवाने गया तो नईजगह के कारण मेरे मन में कई विचार थे कि कहा पर फोरम मिलगा और कहा पर जमा करवाना होगा !तब मने देखा कि एक छात्र जो नए छात्रो की सहायता
कर रहा था !वह था राजस्थान का युवा साहित्यकार ,चुरू की शान और लोहिया कॉलेज का एक होनहार विद्धार्थी दुलाराम सहारण >>>>>>>>>>>>>>>>
शायद अब आपको इनके परिचय की जरुरत नहीं होगी !
क्योकि उसके द्वारा ही मेरे को ब्लॉग की जानकारी मिली थी !इन्ही की प्रेरणा से अब में मेरे विचार आप सभी
के साथ आदान-प्रदान कर सकुगा !
लोहिया कॉलेज चुरू मै मेरा प्रवेश फारम जमा करवाने गया तो नईजगह के कारण मेरे मन में कई विचार थे कि कहा पर फोरम मिलगा और कहा पर जमा करवाना होगा !तब मने देखा कि एक छात्र जो नए छात्रो की सहायता
कर रहा था !वह था राजस्थान का युवा साहित्यकार ,चुरू की शान और लोहिया कॉलेज का एक होनहार विद्धार्थी दुलाराम सहारण >>>>>>>>>>>>>>>>
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